Defence Monitor

विशेषज्ञ की राय

अंतरिक्ष-तकनीक का सहारा

अंतरिक्ष-तकनीक का सहारा

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने अपनी असाधारण सैन्य शक्ति और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया, जो पाकिस्तान और आतंकवाद के प्रति भारत की नीति में एक उल्लेखनीय बदलाव है। शक्तिशाली स्वदेशी शस्त्र-प्रणालियों, अभेद्य वायु रक्षा प्रणाली और सशस्त्र बलों के अडिग दृढ़ संकल्प के साथ, भारत ने पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया। इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों को भारत की अंतरिक्ष-तकनीक की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। खासतौर से उपग्रहों ने जो सहायता प्रदान की, वह उल्लेखनीय है। देशी रक्षा-प्रणालियों जैसे ‘आकाशतीर वायु रक्षा प्रणाली’, एमआर-सैम, यूएएस, एल-70 एंटी एयरक्राफ्ट गन ने पाकिस्तान की…
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भारत-पाकिस्तान विवादों में अमेरिका की भूमिका

भारत-पाकिस्तान विवादों में अमेरिका की भूमिका

दक्षिण एशिया का दुर्भाग्य है कि जिस समय दुनिया के देश, जिनमें भारत भी शामिल है, डॉनल्ड ट्रंप की आक्रामक आर्थिक-नीतियों के बरक्स अपनी नीतियों के निर्धारण में लगे हैं, हमें लड़ाई में जूझना पड़ रहा है। इस लड़ाई की पृष्ठभूमि को हमें दो परिघटनाओं से साथ जोड़कर देखना और समझना चाहिए। पहली यह कि 10 मई को युद्धविराम की घोषणा भारत या पाकिस्तान के किसी नेता ने नहीं की, बल्कि डॉनल्ड ट्रंप ने की। वहीं, इसके चार दिन पहले भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त-व्यापार समझौता हुआ है, जिसकी तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। हाल के दिनों की…
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रूस से अतिरिक्त एस-400 खरीदी जाएँगी

रूस से अतिरिक्त एस-400 खरीदी जाएँगी

भारत ने हाल में पाकिस्तान के साथ सैन्य टकराव में इन प्रणालियों की शानदार सफलता के बाद रूस से अतिरिक्त एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों का औपचारिक रूप से अनुरोध किया है। 2018 के सौदे के बाद से रूस ने भारत को पाँच में से तीन एस-400 सिस्टम यूनिट्स की आपूर्ति कर दी है। दो यूनिट्स की डिलीवरी अभी लंबित है।भारत में 'सुदर्शन चक्र' के नाम से विख्यात एस-400 ने मई 2025 की शुरुआत में शत्रुता के चरम के दौरान पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान द्वारा प्रक्षेपित मिसाइलों और ड्रोन झुंडों सहित कई हवाई खतरों को रोकने और बेअसर करने में…
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26 राफेल-मरीन विमानों की खरीद का समझौता

26 राफेल-मरीन विमानों की खरीद का समझौता

भारत और फ्रांस ने भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल विमान (22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर) की खरीद के लिए एक अंतर-सरकारी समझौते (आईजीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें प्रशिक्षण, सिम्युलेटर, संबंधित उपकरण, हथियार और प्रदर्शन-आधारित रक्षा सामग्री शामिल हैं। इसमें भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के मौजूदा राफेल बेड़े के लिए अतिरिक्त उपकरण भी शामिल हैं।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस के सशस्त्र बल मंत्री सेबेस्टियन लेकॉर्नू ने अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में 28 अप्रैल, 2025 को नौसेना भवन में रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में भारत और फ्रांस के अधिकारियों ने समझौते, विमान…
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‘ला पेरोस’ मलक्का की खाड़ी में नौ देशों की नौसेनाओं का युद्धाभ्यास

‘ला पेरोस’ मलक्का की खाड़ी में नौ देशों की नौसेनाओं का युद्धाभ्यास

जनवरी के महीने में फ्रांसीसी नौसेना ने पूर्वी हिंद महासागर में ला पेरोस 2025 अभ्यास किया। हर दो साल में होने वाला यह बहुराष्ट्रीय ला पेरोस अभ्यास इंडोनेशियाई द्वीपसमूह के आसपास पूर्वी हिंद महासागर में 16 से 24 जनवरी तक चला। फ्रांस के सहयोगी और मित्र नौ देशों की नौसेनाओं ने इसमें भाग लिया। इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षण देना है। हालांकि इस अभ्यास का घोषित फोकस चीन नहीं था, पर जिन तीन जलडमरूमध्यों में यह हुआ, उनका उपयोग चीनी बेड़े, वाणिज्यिक और सैनिक दोनों बड़े पैमाने पर करते हैं। इस…
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चीन से रिश्तों का नया दौर

चीन से रिश्तों का नया दौर

भारत की सुदूर-पूर्व विदेश-नीति के मद्देनज़र दो घटनाओं ने हाल में खासतौर से ध्यान खींचा है। दोनों चीन और उत्तरी कोरिया से जुड़ी हैं। ये दोनों प्रसंग ध्रुवीकरण से जुड़ी वैश्विक-राजनीति के दौर में भारत की स्वतंत्र विदेश-नीति की ओर भी इशारा कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने गत 18 दिसंबर को बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस बैठक के परिणामों से लगता है कि दोनों देश भारत पिछले चार साल से चले आ रहे गतिरोध को दूर करके सहयोग के नए रास्ते तलाश करने पर राजी हो गए हैं। चीन-भारत सीमा…
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दक्षिण एशिया के तेजी से बदलते घटनाक्रम में भारत की भूमिका

दक्षिण एशिया के तेजी से बदलते घटनाक्रम में भारत की भूमिका

ऐसे दौर में जब यूरोप और पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति है, भारत के आसपास के देशों में परिस्थितियाँ हालांकि उतनी चिंतनीय नहीं हैं, पर इलाके में स्थिरता भी नहीं है। सबसे ज्यादा अस्थिरता म्यांमार में है, जिसके रखाइन क्षेत्र पर बागी अराकान आर्मी का कब्जा हो गया है और वहाँ का सैनिक-शासन धीरे-धीरे परास्त होता दिखाई पड़ रहा है। पिछले साल पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव और नेपाल में किसी न किसी रूप में सत्ता परिवर्तन हुए हैं और अफगानिस्तान 2021 में हुए सत्ता-परिवर्तन के बावजूद तालिबान सरकार को वैश्विक-मान्यता नहीं मिल पाई है। इस लिहाज से भारत और भूटान…
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बढ़ती समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता

बढ़ती समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता

15 जनवरी 2025 का दिन भारत के इतिहास में ऐतिहासिक बन गया, जब इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भारतीय नौसेना के तीन अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों, नीलगिरि (प्रोजेक्ट 17ए स्टैल्थ फ्रिगेट क्लास के प्रमुख पोत), सूरत (प्रोजेक्ट 15बी स्टैल्थ डिस्ट्रॉयर क्लास के चौथा और अंतिम पोत) वागशीर (स्कोर्पिन-क्लास प्रोजेक्ट की छठी और अंतिम पनडुब्बी) को नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में एक साथ नौसेना में शामिल किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में उभरने के लिए तैयार है। यह पहली बार है जब तीन युद्धपोत एक साथ…
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बड़े स्तर पर होंगे रक्षा-सुधार इस साल

बड़े स्तर पर होंगे रक्षा-सुधार इस साल

भारत ने नए साल की पूर्व संध्या पर वर्ष 2025 को रक्षा ‘सुधार वर्ष’ घोषित किया है और कहा कि इसका उद्देश्य तीनों सेवाओं के बीच तालमेल को बढ़ाने और सेना को तकनीकी रूप से उन्नत युद्ध के लिए तैयार बल में बदलने के लिए एकीकृत थिएटर कमांड शुरू करना होगा। नियोजित सुधारों का व्यापक उद्देश्य रक्षा अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सरल और समय-संवेदनशील बनाना, प्रमुख हितधारकों के बीच गहन सहयोग सुनिश्चित करना, बाधाओं को दूर करना, अकुशलताओं को समाप्त करना और संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना होगा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि साल 2025 को ‘सुधार वर्ष’ के रूप…
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ट्रंप के नए कार्यकाल से उम्मीदें और आशंकाएँ

ट्रंप के नए कार्यकाल से उम्मीदें और आशंकाएँ

दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद को संभालने वाले डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका को लेकर दुनियाभर में कई प्रकार के अंदेशे और उम्मीदें एक साथ हैं। उनके कार्यभार संभालने के ठीक एक दिन पहले पश्चिम एशिया में हमास और इसराइल के बीच युद्धविराम होना इसका पहला उदाहरण है। अब उम्मीद की जा रही है कि वे यूक्रेन के युद्ध को खत्म कराने के प्रयास भी करेंगे। लगता यह भी है कि जियो-पोलिटिकल स्तर पर दुनिया में हाईटेक-दौर की शुरुआत होने जा रही है। ‘अमेरिकी महानता’ की पुनर्स्थापना के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध आप्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी…
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