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विशेषज्ञ की राय

भारत का हैवी लिफ्ट प्रक्षेपण के दौर में प्रवेश

भारत का हैवी लिफ्ट प्रक्षेपण के दौर में प्रवेश

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गत 2 नवंबर को भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीसैट-7आर (सीएमएस-03) का प्रक्षेपण करके नौसेना को अब तक का सबसे उन्नत संचार प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है, जो उसकी अंतरिक्ष-आधारित संचार प्रणाली और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमताओं को अधिक दक्षता प्रदान करेगा। सीएमएस-03 (जीसैट-7आर) सैन्य संचार उपग्रह है, जिसका वित्तपोषण पूरी तरह से रक्षा मंत्रालय ने किया है। इसे हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित, मल्टी-बैंड संचार लिंक प्रदान करने के लिए भारतीय नौसेना के उपयोग के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। यह उपग्रह पोतों, पनडुब्बियों और विमानों के बीच आवाज, डेटा…
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पक्ष में भारत की वैश्विक-पहल

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पक्ष में भारत की वैश्विक-पहल

पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से न केवल सैनिक-सफलता हासिल की, बल्कि उसके समांतर विश्व-स्तर पर राजनयिक-पहल शुरू करके सारी दुनिया को पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब करना शुरू कर दिया है। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी भारत ने अपना पक्ष रखा है। भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का दुनिया के देशों ने बड़े पैमाने पर समर्थन किया है। अमेरिका, फ्रांस, इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने भारत के वैध आतंकवाद-रोधी उपायों का समर्थन किया है तथा अपराधियों के लिए जवाबदेही की मांग की है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने…
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पाकिस्तान पर भारी पड़ेगा सिंधु नदी की पानी

पाकिस्तान पर भारी पड़ेगा सिंधु नदी की पानी

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खबरों के बीच पहली बार पाकिस्तान सिंधु जल-संधि (आईडब्लूटी) की शर्तों पर चर्चा करने को तैयार हो रहा है। भारत द्वारा पाकिस्तान को सूचित किए जाने के कुछ दिनों बाद कि वह पहलगाम आतंकी हमले के बाद 1960 की सिंधु जल संधि को ‘तत्काल प्रभाव’ से स्थगित कर रहा है, इस्लामाबाद ने पहली बार संधि के बारे में दिल्ली की चिंताओं पर चर्चा करने की अपनी इच्छा का संकेत दिया है। ऐसा समझा जाता है कि पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तज़ा ने हाल ही में भारत द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा संधि को स्थगित रखने…
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मुँह के बल गिरा पाकिस्तानी दुष्प्रचार

मुँह के बल गिरा पाकिस्तानी दुष्प्रचार

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय विमानों को कथित तौर पर मार गिराए जाने के हालिया दावों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में काफी ध्यान आकर्षित किया है। उपलब्ध साक्ष्यों और आधिकारिक बयानों की गहन जाँच के बाद, यह स्पष्ट है कि इन दावों के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं है और ये एक समन्वित गलत सूचना अभियान का हिस्सा हैं। तथ्य-जांच संगठनों, सैन्य विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों द्वारा इन आरोपों का व्यवस्थित रूप से खंडन किया गया है, जिससे भारत के सैन्य अभियानों को कमजोर करने के उद्देश्य से गढ़े गए साक्ष्यों और निराधार दावों का एक पैटर्न उजागर हुआ है। पाकिस्तान…
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पाकिस्तान-बांग्लादेश को आईएमएफ की मदद, सदाशयता या पाखंड?

पाकिस्तान-बांग्लादेश को आईएमएफ की मदद, सदाशयता या पाखंड?

पहलगाम हत्याकांड के बाद तब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, उसी समय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान को एक अरब डॉलर के कर्ज को स्वीकृति दी। भारत का कहना है कि पाकिस्तान इस प्रकार के आर्थिक-सहायता कार्यक्रमों का इस्तेमाल अपने देश में आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए करता है। शुक्रवार 16 मई को भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी भुज यात्रा के दौरान सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत नहीं चाहता कि आईएमएफ के धन का इस्तेमाल प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पाकिस्तान या किसी अन्य देश में आतंकवादी बुनियादी…
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पाक-चीन गठजोड़ को देखते हुए पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम में तेजी

पाक-चीन गठजोड़ को देखते हुए पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम में तेजी

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना ने आक्रमण और बचाव दोनों मामलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हालाँकि भारतीय वायुसेना के सामने लड़ाकू विमानों की संख्या को लेकर चुनौतियाँ हैं, पर उनका कोई असर तीन दिन की इस लड़ाई में दिखाई नहीं पड़ा। अलबत्ता इस बात की माँग बढ़ी है कि हमें अपने लड़ाकू विमानों के कार्यक्रम में तेजी लाने की ज़रूरत है। कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर चीन के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के बारे में जो चर्चा हुई उसके बाद भारतीय रक्षा-विशेषज्ञों ने कई तरह से चिंता व्यक्त की है। इस चिंता के साथ ही…
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‘मास्टरमाइंड-पाकिस्तान’ का क्या पर्दाफाश होगा?

‘मास्टरमाइंड-पाकिस्तान’ का क्या पर्दाफाश होगा?

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सुर्खियों के बीच इस दौरान तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की खबरें पृष्ठभूमि में चली गईं। मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को गुरुवार 10 अप्रैल को अमेरिका से सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया। मुंबई पर हुए 26/11 के हमलों के मुख्य आरोपियों में शामिल राणा प्रत्यर्पण से बचने का अपना आखिरी प्रयास विफल होने के बाद बुधवार 9 अप्रैल को एक विशेष उड़ान से अमेरिका से रवाना हुआ। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भारत लेकर आई। 64 वर्षीय पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी, 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद…
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लश्करे-तैयबा का पिट्ठू संगठन टीआरएफ

लश्करे-तैयबा का पिट्ठू संगठन टीआरएफ

‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने के पहले से पाकिस्तान और चीन की ओर से कहा गया था कि पहलगाम हमले की निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जाँच होनी चाहिए। एक तरह से यह बात प्रत्यक्षतः उपलब्ध तथ्यों को नकारते हुए कही गी थी। भारत ने बार-बार कहा है कि इसके पीछे लश्करे-तैयबा के पिट्ठू संगठन द रेज़िस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का हाथ है। टीआरएफ ने खुद घोषणा कर दी थी कि हमने यह कांड किया है। टीआरएफ ने शनिवार 26 अप्रैल को अपनी संलिप्तता से इनकार किया, और कहा कि उनके सोशल मीडिया हैंडल को हैक कर लिया गया था। टीआरएफ के प्रवक्ता ने सोशल…
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दो नहीं, कई मोर्चों पर लड़ना होगा

दो नहीं, कई मोर्चों पर लड़ना होगा

चार दिन की लड़ाई पाकिस्तान के विरुद्ध थी जरूर, पर चीन, तुर्की और अज़रबैजान की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। देश के पहले सीडीएस का कहना था कि हमें ढाई मोर्चे पर लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए। उनका आशय था कि चीन और पाकिस्तान एकसाथ हमारे खिलाफ लड़ाई छेड़ सकते हैं और उनके अलावा एक मोर्चा देश के भीतर भी खुल सकता है। हालांकि उसके बाद से कुछ नए मोर्चे और खुले हैं। बांग्लादेश पता नहीं आने वाले समय में बांग्लादेश की भूमिका क्या हो? नवीनतम समाचार है कि चीन के विशेषज्ञों ने भारत के 'चिकन नेक' के…
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‘आपरेशन सिंदूर’ ने खींची लक्ष्मणरेखा

‘आपरेशन सिंदूर’ ने खींची लक्ष्मणरेखा

भारत और पाकिस्तान के बीच 6-7 मई की रात से लेकर 10 मई की रात तक चली चार दिन की झड़प, परमाणु संपन्न दो देशों के बीच पिछली आधी सदी में हुई सबसे व्यापक लड़ाई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की हवाई सुरक्षा का परीक्षण करने और सैन्य सुविधाओं पर हमला करने के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इसमें इनफेंट्री का इस्तेमाल कम से कम हुआ, क्योंकि सेनाएँ अपने देश की सीमा के भीतर ही रहीं। अलबत्ता जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर तोपखाने का इस्तेमाल काफी हुआ। नौसेना का इस्तेमाल भी नहीं हुआ, हालाँकि भारत ने आईएनएस विक्रांत…
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