चीन के साथ पाकिस्तान की ड्रोन-क्षमता पर भी हमें नजर रखनी चाहिए। गत 15 से 18 नवंबर के बीच कराची में लगी पाकिस्तान की रक्षा प्रदर्शनी इंटरनेशनल डिफेंस एक्ज़ीबिशन एंड सेमिनार (आइडियाज़) में पाकिस्तान ने अपनी शस्त्रास्त्र प्रणालियों का प्रदर्शन किया। हर दो साल में होने वाली यह प्रदर्शनी इस साल चार साल बाद लगी थी।
इस प्रदर्शनी पर बीबीसी की उर्दू सेवा के रियाज़ सुहेल ने एक रिपोर्ट लिखी है, जिसके अनुसार लंबे समय से पाकिस्तान के पास ऐसे ड्रोन थे जो सिर्फ़ निगरानी करने के लिए इस्तेमाल होते थे लेकिन अब पाकिस्तान की हथियार निर्माता कंपनियों ने पहली बार ऐसे ड्रोन पेश किए हैं जिनका इस्तेमाल हमला करने के लिए किया जा सकता है। इस प्रदर्शनी में चीन और तुर्की के अलावा और भी कई देशों की कंपनियां शामिल थीं।
पाकिस्तान ने ड्रोन की दुनिया में पहला क़दम सर्विलांस ड्रोन के साथ रखा था। निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले ये ड्रोन इससे पहले हुई हथियारों की प्रदर्शनी में नज़र आते थे। पाकिस्तान सरकार की कंपनी ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफ़ेंस सॉल्यूशंस के सीईओ असद कमाल के अनुसार सरकार चाहती है कि जिन तकनीकों के लिए पाकिस्तान विदेश पर निर्भर है, उन्हें धीरे-धीरे पाकिस्तान में विकसित करना चाहिए।
आइडियाज़ की 2018 में जो पिछली प्रदर्शनी हुई थी उसमें बराक़ नाम का सर्विलांस ड्रोन पेश किया गया था, इसका काम वीडियो बनाना और हाई रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें लेना था। इसके बाद सेना की ज़रूरत थी कि ना सिर्फ़ वो टार्गेट को देख सके, घेराव कर सके और अगर चाहे तो उस को तबाह भी कर सके। इसके बाद शाहपर-2 ड्रोन पर काम शुरू हुआ।
असद कमाल के अनुसार इस ड्रोन की बुनियादी तकनीक को पाकिस्तान में ही बनाया गया है। पाकिस्तान का इस समय फ्लैगशिप ड्रोन शाहपर-2 है जो सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल हो चुका है। ये ड्रोन एक हज़ार किलोमीटर तक उड़ान भर सकते हैं और अपने निशाने को भेद सकते हैं। ये ड्रोन सैटेलाइट से संपर्क कर सकता है, दिन हो या रात किसी भी अभियान में कामयाब हैं। यह ड्रोन अपने निशाने को लेज़र से लॉक करता है और फिर मिसाइल से उसे निशाना बनाता है। 120 नॉट्स तक की रफ़्तार से उड़ान भर सकता है। इसकी टेक ऑफ़ रफ़्तार 80 नॉट्स से लेकर 85 नॉट्स तक है। इसकी क्रूज़ रफ़्तार भी 80-85 नॉट्स होती है।
इसका रेडियस लगभग 1050 किलोमीटर और डाटा लिंक रेंज 300 किलोमीटर है। ये लड़ाकू ड्रोन उड़ान के दौरान अपने इंजन को दोबारा स्टार्ट कर सकने की क्षमता भी रखते हैं। ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेंस सॉल्यूशंस के ड्रोन के अन्य उत्पादों में शाह पर-1, इक़ाब ड्रोन सीरीज़ शामिल हैं, जो अलग-अलग दूरी, गति और हथियार ले जाने में सक्षम हैं।
पाकिस्तान की ऑर्डिनेंस फ़ैक्ट्री ने पहले ‘अबाबील’ नाम का सर्विलांस ड्रोन बनाया था। अब इन ड्रोन को भी मारक बनाया गया है और इन्हें हथियारों से लैस किया गया है। अबाबील-5 ड्रोन पांच किलो तक वज़न उठा सकता है। इसमें दो मॉर्टार गोले लोड किए जा सकते हैं। एक मोर्टार 16 एमएम और दूसरा 18 एमएम का है। ये तीस किलोमीटर की रेंज में उड़ान भर सकता है और इसकी रफ़्तार पैंतालीस किलोमीटर प्रति घंटा है। यह ड्रोन डेढ़ घंटे तक हवा में उड़ान भर सकता है।
अबाबील वी-5 वर्टिकली टेक ऑफ और लैंड कर सकता है। यह 120 प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है और दो से तीन घंटे तक निगरानी रख सकता है। इसमें स्टोरेज क्षमता भी है और ये पांच किलोग्राम गोला-बारूद ले जा सकता है, जिसका इस्तेमाल किसी भी लक्ष्य को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। अबाबील-10 ड्रोन दस किलोग्राम वज़नी हथियार ले जा सकता है। इसकी रेंज 30 किलोमीटर है और यह 3000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ सकता है।
हथियारों की इस प्रदर्शनी में तुर्की के ड्रोन भी प्रदर्शित किए गए हैं। ये ड्रोन तुर्की की सेना के अलावा उसके सहयोगी देश भी इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा चीन के रक्षा मंत्रालय की तरफ़ से भी कई तरह के ड्रोन और नए-नए हथियार इस प्रदर्शनी में दिखाए गए।
– डिफेंस मॉनिटर ब्यूरो

