Site icon Defence Monitor

एनसीसी के गणतंत्र शिविर-2024 में था उत्साह का माहौल

एनसीसी कैडेटों के लिए दिल्ली में लगे सालाना गणतंत्र दिवस शिविर का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गत 5 जनवरी को किया। इस मौके पर उन्होंने युवाओं को सकारात्मक कार्यों में लगाकर राष्ट्रीय प्रगति के नए युग की शुरुआत करने के लिए एनसीसी की सराहना की। एनसीसी कैडेटों को भारत के विकास में महत्वपूर्ण हितधारक बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे देश के युवाओं के लिए आदर्श हैं। इस समारोह में एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह, तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों और देश भर से आए एनसीसी कैडेटों ने भाग लिया।

शिविर के औपचारिक उद्घाटन के दौरान श्री धनखड़ ने एनसीसी कैडेट के रूप में अपने दिनों को याद करते हुए कहा कि कैडेट की भावना शाश्वत और अमिट है। कैडेटों से गरिमा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आग्रह करते हुए, उन्होंने उन्हें 2047 तक भारत को वास्तव में विकसित राष्ट्र और विश्व गुरु बनाने के लिए उत्साह, वीरता और समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कैडेटों से कहा कि अनुशासन और देशभक्ति के गुण आपके दिलों में जीवित रहने चाहिए, यह सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है जो हम अपनी मातृभूमि को दे सकते हैं।

पिछले साल एनसीसी कैडेटों को दी गई सलाह को याद करते हुए, श्री धनखड़ जी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल लेनदेन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और पर्यावरण योगदान में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी को देखकर मैं प्रसन्न हूँ। एनसीसी में लड़कियों की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि महिला कैडेट इस गणतंत्र दिवस पर दो विशेष टुकड़ियों में दो महिला बैंड के साथ गर्व से कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगी। एनसीसी में महिला-केंद्रित बदलाव प्रभावी रूप से हो रहे हैं।

एनसीसी शिविर के उद्घाटन के दौरान, उपराष्ट्रपति ने फ्लैग एरिया का भी दौरा किया, जहां विभिन्न एनसीसी निदेशालयों की झांकियां प्रदर्शित की गईं। इसके बाद श्री धनखड़ ने एनसीसी के ‘हॉल ऑफ फेम’ का दौरा किया और कैडेटों द्वारा किए गए मनमोहक सांस्कृतिक प्रदर्शन को देखा।

वायुसेना प्रमुख

वायुसेना प्रमुख (सीएएस) पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, एडीसी एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने 8 जनवरी को दिल्ली कैंट में आयोजित शिविर का दौरा किया। उनका स्वागत एनसीसी के महानिदेशक (डीजी) लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह ने किया। वायुसेना प्रमुख ने एनसीसी की सेना, नौसेना और वायु सेना शाखा के कैडेट्स की ओर से प्रस्तुत ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की समीक्षा की। इसके बाद पूर्वोत्तर क्षेत्र के कैडेट्स ने शानदार बैंड प्रदर्शन किया। सीएएस ने ‘फ्लैग एरिया’ का निरीक्षण किया। यहां विभिन्न सामाजिक जागरूकता विषयों को प्रदर्शित किया गया था, जिसे सभी 17 एनसीसी निदेशालयों के कैडेट्स ने कठिन मेहनत से तैयार किया था। इसके अलावा कैडेट्स ने अपने-अपने मॉडलों का संक्षिप्त विवरण भी प्रदान किया।

वायुसेना प्रमुख ने हॉल ऑफ फेम का भी दौरा किया, जो एनसीसी के गौरवशाली 75 वर्षों का एक समृद्ध रूप है। इसके बाद में एयर चीफ मार्शल ने अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ एनसीसी सभागार में प्रतिभाशाली कैडेट्स की ओर से प्रस्तुत एक प्रभावशाली ‘सांस्कृतिक कार्यक्रम’ का आनंद लिया। इसमें विभिन्न निदेशालयों से आए कैडेट्स ने नृत्य और गीत के माध्यम से अपनी संस्कृति प्रस्तुत की। अपने संबोधन में एयर चीफ मार्शल ने इन कैडेट्स के बेदाग प्रदर्शन, शानदार आचरण और उत्कृष्ट ड्रिल मूवमेंट की सराहना की।

सीडीएस का दौरा

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने 12 जनवरी को शिविर का दौरा किया। एनसीसी के डीजी, लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह द्वारा स्वागत किए जाने के बाद, सीडीएस ने एक प्रभावशाली ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की समीक्षा की। एनसीसी की तीनों विंग-सेना, नौसेना और वायु सेना के कैडेटों ने ये गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जिसके बाद बिट्स, पिलानी की कन्या कैडेटों ने बैंड के साथ शानदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने इतना प्रभावशाली ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देने, इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित रहने और बेदाग ड्रिल प्रस्तुत करने के लिए कैडेटों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एनसीसी ‘एकता और अनुशासन’ के अपने आदर्श वाक्य पर चलते हुए एक सामान्य शुरुआत के बाद आज 17 लाख से ज्यादा कैडेटों वाला युवा वर्दीधारियों का दुनिया का सबसे बड़ा संगठन बन गया है।

मंत्रमुग्ध हुए सेना प्रमुख

शिविर में सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे का आगमन 9 जनवरी को हुआ। उन्होंने

एनसीसी के तीनों विंग यानी सेना, नौसेना, वायु सेना से आए कैडेटों द्वारा दिए गए प्रभावशाली ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की समीक्षा की। इसके पश्चात सिंधिया स्कूल के एनसीसी कैडेटों ने शानदार बैंड का प्रदर्शन किया। बाद में, सीओएएस ने एनसीसी कैडेटों द्वारा सामाजिक जागरूकता विषयों और सांस्कृतिक गतिविधियों को दर्शाने वाले ‘ध्वज क्षेत्र’ का दौरा किया। कैडेटों ने उन्हें अपने संबंधित राज्य निदेशालय विषयों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

सीओएएस ने ‘हॉल ऑफ फेम’ का दौरा किया, जो एनसीसी का गौरवपूर्ण थाती है। उन्होंने अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ सभागार में प्रतिभाशाली एनसीसी कैडेटों द्वारा प्रस्तुत एक शानदार ‘सांस्कृतिक कार्यक्रम’ भी देखा। थल सेनाध्यक्ष ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि कई पूर्व एनसीसी कैडेट सरकार और सशस्त्र बलों में उच्च पदों पर हैं। उन्होंने कैडेटों को सशस्त्र बलों के अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कैडेटों से यह भी आग्रह किया कि वे जो कुछ भी करें उसमें अपना दिल और दिमाग लगाएं और हमारे देश के युवाओं के लिए आदर्श बनें। उन्होंने कैडेटों की शानदार उपस्थिति, प्रभावशाली ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कैडेटों को आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी एनसीसी कैडेटों को उनके भविष्य के प्रयासों में सफलता की कामना की।

रक्षा सचिव

कैंप में रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने 17 जनवरी को कैडेटों को संबोधित किया।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनसीसी अपने दर्शन एवं दृष्टिकोण के माध्यम से युवाओं को ऊर्जा प्रदान भी करती है और उन्हें बेहतर नागरिक के रूप में तैयार होने के लिए प्रशिक्षित करती है। उन्होंने कहा कि बहुत से ऊर्जावान युवा जब सही दिशा में निर्देशित नहीं हो पाते हैं, तो वे अंततः असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने लगते हैं। इसलिए युवाओं को उचित रूप से शिक्षित किया जाना चाहिए और उन्हें ऐसा कार्य दिया जाना चाहिए जो रचनात्मक हो तथा देश की अर्थव्यवस्था व समृद्धि में योगदान देने वाला हो। इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए एनसीसी कैडेट उनकी प्रेरणा बन सकते हैं।

Exit mobile version