भारतीय नौसेना का पालदार पोत ‘आईएनएस सुदर्शनी’ अमेरिका के ‘सेल बोस्टन-250’ शामिल होने के लिए बोस्टन पहुँचा। इस वर्ष का कार्यक्रम अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगाँठ के समारोहों का हिस्सा है। इसका आयोजन 11 जुलाई से 16 जुलाई तक हुआ। ये पोत अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 4 जुलाई से 8 जुलाई तक न्यूयॉर्क सिटी में थे। आईएनएस सुदर्शनी ऐतिहासिक बोस्टन बंदरगाह में तिरंगा लहराते हुए सेल बोस्टन 250 के हिस्से के रूप में भव्य ‘परेड ऑफ सेल्स’ में प्रवेश किया। यह पोत 20 जनवरी को कोच्चि से रवाना हुआ था। इसका 10 महीने की यात्रा का कार्यक्रम है, जिसमें यह अनेक देशों में रुकेगा।
आईएनएस सुदर्शनी 4 जुलाई को न्यूयॉर्क बंदरगाह पर पहुंचा, जहाँ उसने अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगाँठ के मौके पर अंतरराष्ट्रीय नौसेना समीक्षा 250 और सेल4थ 250 समारोहों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हडसन नदी पर आयोजित भव्य परेड ऑफ सेल के दौरान, तीन मस्तूलों वाले इस प्रतिष्ठित पोत ने गर्व से भारतीय तिरंगा फहराया, जो भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और सदियों पुरानी समुद्री परंपराओं का प्रतीक बना।
यह यात्रा जहाज के 10 महीने के समुद्री अभियान, लोकायन 2026 का हिस्सा है, जो समुद्री सहयोग को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय सद्भावना का निर्माण करने और सहयोगी नौसेनाओं के साथ जुड़ाव को गहरा करने के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नोरफॉक और बाल्टीमोर में सेल4थ 250 कार्यक्रमों में सफल भागीदारी के बाद, आईएनएस सुदर्शनी ने अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ब्रुकलिन में आयोजित सेल 250 समारोहों में भाग लिया।
न्यूयॉर्क की मशहूर स्काईलाइन के सामने, आईएनएस सुदर्शिनी भारत की समुद्री विरासत के गर्व के प्रतीक के तौर पर खड़ा है। बंदरगाह पर इसका आगमन अटलांटिक महासागर पार करने की यात्रा से कहीं अधिक है। यह भारत और अमेरिका के बीच अटूट मित्रता, आपसी सम्मान और विस्तारित समुद्री साझेदारी को दर्शाता है। अटलांटिक महासागर के विशाल जलक्षेत्र से लेकर न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक बंदरगाह तक, आईएनएस सुदर्शनी समुद्री संबंधों को मजबूत करना जारी रखे हुए है, भारत की समुद्री परंपराओं को आगे बढ़ा रही है और साथ ही दुनिया के महासागरों में मित्रता और सहयोग को बढ़ावा दे रही है। न्यूयॉर्क में आयोजित सेल4थ 250 समारोह में सफल भागीदारी के बाद 12 जुलाई को बोस्टन पहुँचा। पोत ने सेल बोस्टन 2026 के शुभारंभ के उपलक्ष्य में आयोजित ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में भाग लिया।
बोस्टन में भारत के महावाणिज्यदूत रघुराम शास्त्री ने ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में भाग लिया तथा बोस्टन में पोत के औपचारिक प्रवेश के लिए आईएनएस सुदर्शनी पर सवार हुए। भारतीय तिरंगे को शान से लहराते हुए आईएनएस सुदर्शनी कैसल द्वीप और सीपोर्ट डिस्ट्रिक्ट सहित प्रमुख स्थलों से गुजरी और अंत में बोस्टन फिश पियर पर आकर रुकी। 20 से अधिक देशों के 60 से अधिक विशाल जहाजों के अंतरराष्ट्रीय बेड़े में शामिल होकर आईएनएस सुदर्शनी अपने चल रहे लोकायन 2026 समुद्री अभियान के दौरान सद्भावना के समुद्री राजदूत के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है।
आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का तीन मस्तूल वाला स्वदेशी ‘सेल पालदार प्रशिक्षण पोत’ है। इसे गोवा शिपयार्ड में बनाया गया और जनवरी 2012 में नौसेना में शामिल किया गया। यह पोत नौसैनिकों को बुनियादी समुद्री प्रशिक्षण देने और समुद्री राजनय को बढ़ावा देने के लिए उपयोग किया जाता है। इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया है, जो ‘आईएनएस तरंगिणी’ का सहोदर पोत है। यह पोत 54 मीटर लंबा है, जिसमें 20 पाल और लगभग 7.5 किलोमीटर लंबी रस्सी लगी है। इसमें 5 अधिकारी और 31 नाविकों के साथ-साथ 30 कैडेट प्रशिक्षण के लिए सवार हो सकते हैं।

